जानिए योग से निरोग कैसे बने और अपने आप को निरोग कैसे रखे

आज आप योग से निरोग कैसे बने अर्थात निरोग कैसे रहे और निरोगी जीवन कैसे जिये से related topic के बारे में बात करेंगे कि कैसे कोई भी व्यक्ति खुद को निरोग कैसे रख सके। निरोग रहना सभी पसंद करते हैं। जिसके कारण लोग इससे जुड़ी चीजे को Google जैसे search engine में निरोगी जीवन कैसे जिए अर्थात निरोग कैसे रहें सर्च करते हैं। 

आज के दौर में योग से निरोग रहना बहुत ही बड़ा challenge बन चुका है। निरोगी जीवन जीना आज के परिवेष में स्वप्न सा हो गया है। फिर भी हम आज अपनी इस पोस्ट के जरिये ख़ुद को निरोग कैसे रखें, निरोगी जीवन कैसे जियें इत्यादि निरोगी जीवन से जुड़ी बातो पर चर्चा कर जानेंगे कि योग से निरोग कैसे रहें। 

योग से निरोग कैसे बने 

आज के भागदौड़ जिंदगी में लोगो को यह खोजना पड़ रहा है कि योग से निरोग कैसे बने। आज की वर्तमान पीढ़ी बीमार और किसी न किसी वजह से परेशान होते ही जा रहें हैं।

इसका मुख्य कारण यह है कि आज के लोग अपने ही घर में क़ैद रहते है और वह पुरे दिन mobile में ही busy रहते हैं न ही वह किसी से बात करते है और न ही किसी प्रकार के योग करते है। केवल खाते भर है, वे किसी भी प्रकार के योग, व्यायाम नहीं करते, जिससे वह दिन -दिन बीमार पड़ते जा रहे है। 

हम सभी लोग जानते हैं कि पुराने समय के लोग आहार संबंधी नियम अपनाकर एक लम्बे समय तक जीवन व्यतीत करते थे,और सदा खुशहाल जीवन जीते थे। फिर भी हम आज भी अपने कुछ विशेष चीजों का उपयोग करते हुए बहुत  हद तक जीवन जीने में सफल हो सकते हैं। 

अपने आप को निरोग कैसे बनाये 

हमें अपने आप को योग से निरोग रहने के लिए हमें निम्न नियमों का पालन करके अपने आप को स्वस्थ्य रख सकते है। जैसे कि – यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान ,समाधि।

ध्यान व् प्राणायाम योग ही अंग हैं, योग शब्द युजिर योगे धातु से भी बनता है। जिसका मतलब है – जुड़ना अर्थात आत्मा का परमात्मा से मिलन  है। 

हमें अपने आपको योग से निरोग बनने के लिए अपने जीवन में योग का संयोग ऐसे होना चाहिए जैसे संसार में संयोग के साथ वियोग, स्त्री के साथ पुरुष, सुख के साथ दुःख, दिन के साथ रात आदि।

मुनियों ने योग का गहन-मनन करने के बाद योग को मानव जीवन का अभिन्न अंग बतलाया है। इस प्रकार हम योग को अपने जीवन में ग्रहण करके अपने आप को स्वस्थ रख सकते है। 

निरोगी काया कैसे बनाये ?

निरोगी काया कैसे बनाये इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है – मन की एकाग्रता। मन बड़ी कठिनाई से एकाग्र हो पाता है। ध्यान की सिद्धि के लिए यम नियमो द्वारा मन को एकाग्र करना आवश्यक है। क्योंकि जब तक हम अपने आप पर control नहीं करेंगे तब तक हम किसी भी प्रकार से अपने शरीर को निरोग नहीं रख पाएंगे। 

ध्यान,योग और प्राणायाम के माध्यम से स्वस्थ चित रखकर मानव अपना कल्याण कर सकते है। अपने स्वस्थ शरीर के लिए पौष्टिक भोजन करना अतिआवश्यक है। 

योग से बनाये – निरोगी काया 

निरोगी काया आज के समय में बहुत आवश्यक है। आज विभिन्न योगिक केन्द्रो का उद्देश्य भी यही है। मानव योग को अपनाकर स्वस्थ काया बनाये , क्योंकि स्वस्थ ही सबसे बड़ी दौलत है। स्वस्थ मानव ही अपना यह लोक व् परलोक सुधारने में सक्षम हो सकता है।

इसलिए जीवन में स्वस्थ कैसे रहें बहुत निर्भर करता है। निरोगी काया कैसे बनाये इसके लिए हमें सर्वप्रथम निरोग होना होगा। जिससे हम धर्म, अर्थ (धन-दौलत), काम, मोक्ष आदि चारो पुरुषार्थो की उपलब्धि पा सके । क्योंकि जीवन में यह मायने नहीं रखता कि पैसे कैसे कमाए बल्कि आजीवन स्वस्थ कैसे रहे इन पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। 

ध्यान योग से रहें निरोग 

जीवन में निरोग रहने के लिए हमें meditation अर्थात ध्यानयोग से निरोग रहना होगा। जी हाँ ! स्वस्थ शरीर बनाने के लिए हमें ध्यानयोग जो राजविद्या का एक अंग है।

यह एक ऐसी कला है जिससे मन को एकाग्र किया जा सकता है। जो ध्यानयोग में सक्षम है, जिसे राजयोग का अभ्यास है, ऐसा मनुष्य अपने मन के रहस्यों को सहज ही जान लेने में सक्षम होता है।

वह मन व् शारीरिक इन्द्रियों को नियंत्रित करने की कला में expert होता है। वह निराशा को आशा में व् नास्तिक भाव को आस्तिक भाव में परिवर्तित करने वाला कुशल कलाकार होता है। 

yog se nirog kaise kare

निरोगी जीवन कैसे जिए ?

निरोगी जीवन कैसे जिए, अगर कोई निरोग हो जाता है तो उसे साक्षात असीम आनंद की अनुभूति होती है। मनुष्य भय से पार हो जाता है और वह परम सत्ता व् परमात्मा का स्वरुप सत , चित्त व् आनंदमय है,उसी परमात्मा के सभी अंश है। 

इस प्रकार अपने आप को निरोग कैसे बनाये  इसके लिए हमें  परमात्मा अर्थात सभी जीवों में सामान रूप से समाया हुआ ईश्वर पर विश्वास रखना होगा। वह सृष्टि के कण-कण में व्याप्त है। उससे कुछ भी छुपा नहीं है। वह सर्वदृष्टा सर्वज्ञाता सर्वव्यापी है।

जितने समय तक चित्त की वृत्तियां ध्येय रूप में रहती हैं , उतने समय तक की स्थिति ध्यान की स्थिति कहलाती है। अपने आप को निरोग रखने के लिए हमें ध्यानयोगी को सर्वप्रथम भाव रखना चाहिए की परमात्मा सर्वव्यापक है। वही तीनो कालो का नियामक है

योग से healthy कैसे रहें?

योग से healthy कैसे रहें, हम सभी योग से अपने शरीर को निरोग बना सकते हैं और खुद को निरोग रख सकते हैं। इसके लिए प्राणायाम मन के शोधन की क्रिया है। जब मन शुद्ध हो जाता है, तब वह अध्यात्म की और उन्मुख होकर परब्रह्मा में स्थिर होने लगता है। साधना की प्रथम क्रिया प्राणायाम ही है। प्राणायाम में स्वांस की रेचक , पूरक व् कुम्भक क्रियाएं की जाती है। 

प्राणायाम योग का चौथा चरण है। यह शरीर व् मन दोनों का निग्रह करने करने का साधन है। साधना पथ में प्राणायाम का विशेष महत्व है। हमारे मनीषियों ने प्राणायाम को गौरव दिया है। यदि प्राणायाम पर आधुनिक दृष्टि से विचार किया जाए तो स्पष्ट होता है की प्राणायाम से जहाँ हमारा शरीर तेजस्वी बनता है वहीँ इसमें रोग निरोधक क्षमताओं  का भी विकास होता है। 

निरोग रहना क्यों ज़रूरी है ?

आज हर कोई अच्छी तरह से वाकिफ है कि – निरोग रहना क्यों आवश्यक है। निरोग रहकर हम कोई भी कार्य को अच्छे ढंग से पूर्ण कर लेते हैं। और हमेशा खुशाल रहते हैं। प्राणायाम के जरिये मनुष्य सदैव प्रफुल्लित रह सकता है। निरोग जीवन कैसे जिये यह तभी संभव है, जब हम काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, द्वेष, ईर्ष्या, घृणा, दुःख, पीड़ा आदि जो नाना प्रकार के मानसिक विकारो से दूर रहें। 

इसलिए हमें निरंतर प्राणायाम को करते रहना चाहिए और कभी  जीवन में रुकना नहीं चाहिए।जिनके कारण मानसिकता भंग होती है, शरीर रोगग्रस्त जो जाता है और हम निरोग जीवन नहीं जी पाते। 

तो हम उम्मीद करते है कि – योग से निरोग कैसे बने इससे आपको काफी महत्वपूर्ण जानकारी मिली होगी और आप भी इन चीजों को अपने जीवन में implement करेंगे और एक स्वस्थ जीवन जिएंगे। और भी काफी महत्वपूर्ण जानकारी के लिए हमारी अन्य post अवश्य पढ़े। 

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