#सुखमय जीवन के 18 सुनहरे सिद्धांत |

#सुखमय जीवन के 18 सुनहरे सिद्धांत |


१.  जीवन के हर मोड़ में हमें किसी न किसी रूप में लाभ अवश्य होता है चाहे वह सही रूप या गलत रूप से ,इसलिए हमेशा positive विचार  रखें।


2. बीते समय के बारे में कभी ना सोचें अपना पूरा समय वर्तमान समय में होने वाले कार्य में ध्यान देंते हुए भविष्य का बारे में चिंता न करें बल्कि      उसके बारे में अपना  mind create करें।


३.  आज आप अगर अपने आप को एक बड़ी सख्सियत बनाने मे कार्य  करेंगे तो बीते  समय में की गयी गलतियां  मिट जाएँगी और भविष्य में अवश्य सुधार होगा।


४. आप अपने जीवन की तुलना किसी व्यक्ति विशेष के साथ न करके अपने आप को शर्मिंदा न न करें। क्योंकि संसार में आप अनोखे और एक विशिष्ट इंसान  हैं। क्योंकि आप के जैसा कोई नहीं है।


5. सदैव यह ध्यान में रखे की जो आपकी बुराई करता है वही आपका सच्चा मित्र है। क्योंकि वह आपसे बिना कोई मूल्य लिए एक मनोवैज्ञानिक  की तरह आपकी गलतिओं और खामियों की तरफ ध्यानाकर्षित करता है।

६.आप कष्ट देने वाले को क्षमा कर उसे भूल जाइए। और आगे आने वाले समय पर ध्यान दीजिये।


7. सभी परेशानियों को एक साथ सुलझाने का प्रयाश न करें। एक समय पर एक ही कार्य करें।


8. जितना हो सके दूसरो की मदद  करें। इससे आप अपनी समस्याओं को भूल जायेंगे।


9. आने वाली समस्या को देखने का नजरिया बदले। नजरिया बदलने से आप अपने दुःख को सुख में बदल सकते। 


10.जिस परिस्थित को आप बदल नहीं सकते उसके बारे में सोचकर समय बर्बाद न करें  क्योंकि  समय एक बहुत कीमती चीज है।


11. संसार बहुत बड़ा है, जिसमे  आप सभी एक विशिष्ट नायक हैं और अपना अपना  एक मुख्य किरदार निभाते हैं। 


12. किसी से बदला लेने की इच्छा न करें। बल्कि स्वयं को बदलने का प्रयास  करें। क्योंकि बदला लेने की इच्छा से आप मानसिक तनाव बढ़ता है। स्वयं को बदलने का टारगेट रखने से जीवन में तरक्की बढ़ती है। 



13.किसी से घृणा न करें , क्योंकि घृणा करने से मन जलता है। बल्कि चिंतन करें जिससे मन शीतलता का अनुभव करें।


`14. खुशी देने से  खुशी मिलती हैं। इसलिए किसी को कष्ट देने का न सोचे। 


15. जब आप समस्याओं का सामना करेंगे तब ये सोचिए की आपके पुराने कर्मो का हिसाब चुकता हो रहा है। 

16. अहंकार की स्थित में मन में असंतुलन पैदा होता है। इसलिए कभी भी अहंकार न करें। बल्कि अपने आप पर गर्व करें। याद रखे खली हाथ आये हैं और खली हाथ जाना भी है। 


17. दिन में अपने संकल्पों से परिचित होकर अपनी चिंताओं को दूर करें। 


18. आप हर समय थोड़ा योगाभ्यास में ध्यान दे तो अपने जीवन में ख़ुशी ला सकते हैं। 



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